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टैरिफ की जंग शुरू: व्हाइट हाउस ने खोला मोर्चा! |
व्हाइट हाउस ने मंगलवार को दुनिया को चौंका दिया जब उसने पुष्टि की कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज, 2 अप्रैल को नए टैरिफ की घोषणा करेंगे जिसे वे "मुक्ति दिवस" का नाम दे रहे हैं। साथ ही प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने अमेरिका के खिलाफ अनुचित व्यापार प्रथाओं पर जमकर हमला बोला। "दशकों से हमें लूटा गया, अब खेल खत्म!"—लेविट के इस तीखे बयान और टैरिफ की खबर ने वैश्विक व्यापार में हड़कंप मचा दिया है।
टैरिफ का
"मास्टरस्ट्रोक"
व्हाइट
हाउस ने बताया कि
ये टैरिफ "पारस्परिक" होंगे—यानी जो देश
अमेरिकी माल पर भारी
टैक्स लगाते हैं, उन्हें अब
उसी कीमत चुकानी पड़ेगी।
खास तौर पर 3 अप्रैल
से ऑटोमोबाइल आयात पर 25% टैरिफ
लागू होगा। ट्रम्प ने इसे "ऐतिहासिक
कदम" करार दिया, जिसका
मकसद अमेरिकी श्रमिकों और उद्योगों को
"लूट" से बचाना है।
लेविट ने कहा "अगर
आप हमारे माल पर टैरिफ
लगाओगे, तो अपने सामान
पर भी तैयार रहो।
अब बराबरी का खेल होगा!"
.@PressSec on unfair trade practices on the U.S.:
— The White House (@WhiteHouse) April 2, 2025
🥛 50% tariff from the EU on American dairy
📈 700% tariff from Japan on American rice
🌽 100% tariff from India on American ag products
🧈 300% tariff from Canada on American butter & cheese
T-1 DAY UNTIL LIBERATION DAY! pic.twitter.com/EzYqL42efJ
प्रेस
सचिव ने प्रेस ब्रीफिंग
में कई देशों की
पोल खोल दी। "यूरोपीय
संघ हमारे डेयरी पर 50% टैरिफ ठोकता है—क्या हमारे किसानों
का दूध उनके लिए
जहर है? जापान हमारे
चावल पर 700% टैरिफ लगाता है—क्या उन्हें लगता
है कि अमेरिकी चावल
उनकी सुशी बिगाड़ देगा?
और भारत हमारे फल-अनाज पर 100% टैरिफ
चढ़ाकर अपने बाजार को
किला बना लेता है!"
लेविट ने गुस्से में
कहा "ये अनुचित है,
अस्वीकार्य है। ये देश
हमारे कारोबारियों को ठग रहे
हैं, लेकिन अब नहीं!"
उन्होंने
जोर देकर कहा कि
ट्रम्प प्रशासन इन "नाइंसाफियों" का जवाब देने
के लिए तैयार है।
"हम बातचीत से रास्ता निकालना
चाहते हैं, लेकिन अगर
ये देश नहीं माने,
तो टैरिफ की बौछार तय
है!"
दुनिया में
हंगामा,
अमेरिका
में
जोश
इस खबर से यूरोपीय
संघ, कनाडा और मैक्सिको जैसे
देशों ने जवाबी टैरिफ
की धमकी दी है,
जिससे व्यापार युद्ध की आग भड़कने
की आशंका है। अर्थशास्त्रियों ने
चेताया कि इससे अमेरिकी
परिवारों को 3,400 डॉलर तक का
नुकसान हो सकता है।
लेकिन लेविट ने इन चिंताओं
को हवा में उड़ा
दिया। "हम डरने वाले
नहीं। ये जंग निष्पक्षता
की है—अमेरिका को उसका हक
दिलाने की है!"
अमेरिका
में ट्रम्प समर्थक इसे "अमेरिका प्रथम" की जीत बता
रहे हैं। एक ओहायो
के कारखाना मालिक ने कहा, "ट्रम्प
हमारी ढाल बन गए
हैं। अब विदेशी माल
की बाढ़ नहीं चलेगी!"
2 अप्रैल
का
"सुपर
शो"
ट्रम्प
आज शाम 4 बजे (ईटी) व्हाइट
हाउस के रोज गार्डन
में इस "मुक्ति दिवस" की औपचारिक घोषणा
करेंगे। दुनिया भर की नजरें
इस पर टिकी हैं
कि क्या यह टैरिफ
वैश्विक बाजार को हिला देगा
या अमेरिका को "आजादी" दिलाएगा। एक बात तो
साफ है—व्हाइट हाउस अब चुप
नहीं बैठेगा। लेविट का आखिरी संदेश
था, "दुनिया तैयार रहे—अमेरिका अब जाग गया
है!"
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